|
विषयसूची |
|
| हाम्रो कुरा |
|
| कथा/कविता |
|
| समीक्षा/बहस |
|
|
ताङ्का/हाइकु |
|
| अङ्ग्रेजी कविता |
|
| साहित्य/इतिहास |
|
| कला/संस्कृति |
|
|
|
|
|
|
|
| रचना पठाउनुस् | |
| सम्पर्क |


नेपाली भै जन्म लिन
ठूलै भाग्य चाहिनेरैछ
लुम्बिनी र सगरमाथा
आफ्नै भन्न पाइनेरैछ
मधेस पहाड फाटो हैन
यौटै नेपाल बन्नुपर्छ
विभेदलाई बिर्सिएर
नेपाली हुँ भन्नुपर्छ
जनआवाज एकता हो
फेरि पनि एक बनौँ
पहाड मधेश नेपाल नै हो
सबल यौटा राष्ट्र बनौँ
नेपाललाई सिङ्गै नेपाल
बनाउनेलाई सलाम
सिङ्गै राष्ट्र हाँक्छु भन्ने
नेतृत्वलाई सलाम ।
| तपाईको प्रतिक्रिया | |
|
|