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आखाँमा यतिधेरै आँसु थियो तर पनि ऊ सामु पोख्न सकिँन
मनभरि यति धेरै माया थियो तर पनि ऊ सामु राख्न सकिँन
बिछोड हुँदाको त्यो पललाई सम्झी सम्झी रुन मनलाग्छ
छुट्टिएका मायालु ती हातहरु फेरि मिल्दैनन् कि भन्ने डर लाग्छ
आज आफैँलाई आँसुमा डुबाएर पीडाहरूलाई भूल्न मनलाग्यो
खुसीहरूलाई बिर्सिएर आज दुःखमा भिज्न मनलाग्यो
नजानी नजानी मायामा अनेक भूलहरू हुँदारहेछन्
तिनलाई सच्याउन खोज्दा पीडाले मनलाई घोच्दा रहेछन्
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