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तिमी संग वितेका रात सम्झन्छु
सरावमा डुवेर झुमेको मात सम्झन्छु
लजालु तिमी मुस्कानले प्याला भर्थ्यौ
अंकमाल गर्ने कोमल ति हात सम्झन्छु
वैंशको तरंग एक आपसमा पोखिंदा
सगरमा हराई गरेका वात सम्झन्छु
छोटो यात्रा तिब्र सफलता थियो मायामा
दुवैको तिर्खा मेटिंदाको मुलाकात सम्झन्छु
भाग्य तिम्रै बलियो सबै थोक पायौ सानु
कुहिरोमा हराउंदा तिम्रा साथ सम्झन्छु ।
sampruna lek haru derai nai manparchha !